बैंक मैनेजर का अपहरण कर दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल और UP में घूमता रहा किराएदार, हिला देगा फरीदाबाद का यह केस

फरीदाबाद बैंक मैनेजर के अपहरण के मामले में हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और यूपी पुलिस पर बड़े सवाल खड़े किए हैं। बड़ा सवाल है कि किडनैपर्स चार राज्यों के कई जिलों से होकर गुजरे, लेकिन उनकी कार कहीं भी चेक नहीं हुई। फरीदाबाद और गुड़गांव पुलिस रात में शहर में नाकेबंदी का दावा करती है।

फरीदाबाद : घर में घुसकर बैंक मैनेजर को अगवा करने के मामले में क्राइम ब्रांच-30 की टीम दो आरोपियों को अरेस्ट कर चुकी है। एक फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। अपहरण का मुख्य आरोपी पीड़ित परिवार का पूर्व किरायेदार ही निकला है। पीड़ित की पत्नी गृह मंत्रालय में साइंटिस्ट है। अपहरण के दौरान पीड़ित के दोस्त पर हथौड़े से हमला किया, जबकि पत्नी पर हथियार तान दिया था। एसीपी क्राइम अमन यादव ने बुधवार को प्रेस वार्ता कर बताया कि आदर्श नगर थाना क्षेत्र में सेक्टर-62 से दिल्ली में कार्यरत निजी बैंक के मैनेजर को घर में घुसकर दो अपहरणकर्ताओं ने हथियार के बल पर किडनैप कर उनकी ही कार से लेकर फरार हो गए। घटना की सूचना पाकर पुलिस ने पीड़ित बैंक मैनेजर सतीश कुमार की पत्नी सुनीता मीणा की शिकायत पर आदर्श नगर थाने में केस दर्ज किया था। इस मामले में आरोपियों की धरपकड़ के लिए आठ क्राइम ब्रांच लगाई गईं। पुलिस ने इस मामले में अब तक मुख्य आरोपी भूपेंदर और भूपेंदर की पत्नी को गिरफ्तार किया है। एक अन्य आरोपी कैब ड्राइवर और मुख्य आरोपी के दोस्त रविंदर की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।

घर से किडनैप कर पीड़ित से ही कराई थी कार ड्राइव
आरोपियों ने निकालने से पहले पीड़ित की कार की चाबी और पर्स भी घर से उठाया। इसके बाद भूपेंदर ने पीड़ित सतीश को ड्राइविंग सीट पर पिस्टल की नोक पर कार ड्राइव करने को कही। वहीं दूसरा आरोपी रविंदर अपनी कैब स्विफ्ट डिज़ायर से वहां से दिल्ली की ओर रवाना हुए। आरोपियों ने घर से निकलने से पहले पीड़ित की पत्नी और उसके दोस्त के मोबाइल भी अपने साथ ले लिए। जिससे कि वो घटना की सूचना पुलिस को समय से ना दे सकें और उन्हें भागने का मौका मिल सके। वहीं रास्ते में मुख्य आरोपी ने पीड़ित की इलेक्ट्रिक ऑटोमैटिक कार को चलाने के टिप्स भी लिए।

पुलिस ना पकड़ ले इस लिए दिल्ली में बदली कार
आरोपियों ने पीड़ित की कार को दिल्ली रोहिणी में छोड़ा और वहां से रविंदर की कैब में गुड़गांव की ओर निकल गए। यहां उन्होंने पीड़ित के ही क्रेडिट कार्ड से कैब में गैस और पेट्रोल डलवाया। आरोपियों ने घटना के समय मुंह पर नकाब पहना हुआ था इस वजह से उनको पीड़ित की पत्नी व खुद पीड़ित पहचान नहीं सके। इसके बाद जब पीड़ित को कैब में बैठाया तब आरोपियों ने उसकी आंख पर पट्टी बांधकर उसे कार में पीछे वाली सीट पर बैठा लिया।

हाथ, आंख और मुंह बांध कर 800 किमी घुमाया
पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए पीड़ित का हाथ, आंख और मुंह बांध रखा था। इसके साथ ही उन्होंने कार के पीछे वाली सीट पर धूप से बचने वाले एक्सटर्नल कवर लगा रखे थे जिससे पीड़ित पर किसी की नजर ना पड़े। आरोपी गुड़गांव से निकलकर पीड़ित को लेकर हाईवे से हिमाचल के बिलासपुर से 50 किलोमीटर आगे तक लेकर गए। जिसके बाद वहीं पीड़ित का फोन ऑन करके पुलिस को चकमा देने के लिए फेंक दिया। जिसके बाद वहां से आरोपी रातों रात ही वापस आ गए।

मथुरा में किराए के कमरे में रखा पीड़ित को
हिमाचल से लौटकर आरोपी मथुरा गए। यहां पहले से ही मुख्य आरोपी ने किराए पर मकान ले रखा था। फिर आरोपियों ने पीड़ित को उसी मकान में ठहराया। यहीं मुख्य आरोपी ने अपनी पत्नी और बच्चे को रुकवाया हुआ था। जिसके बाद उन्होंने पीड़ित के पिता जोकि दिल्ली बिजली बोर्ड में अधिकारी हैं उन्हें फिरौती मांगने के लिए कॉल किया। आरोपियों ने सबसे पहले 50 लाख रुपये की फिरौती की डिमांड की। जिसके बाद पीड़ित परिवार ने इतने पैसे ना होने की बात कहि तो 40 लाख पर आ गए फिर 20 फिर 10 ऐसे करते करते 05 लाख फिरौती देने पर डील डन हुई।

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