सदस्य गौ सेवा आयोग ने ली अधिकारियों की बैठक, किया गौ आश्रय स्थल का निरीक्षण
गोवंश का स्वास्थ्य कमजोर मिलने पर गौ सेवा आयोग सदस्य ने व्यक्त किया रोष
बदायूँ। उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने मंगलवार को सर्किट हाउस में गौ सेवा से संबंधित अधिकारियों एवं सदस्यों की बैठक ली। विकास भवन सभागार में खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका व नगर पंचायत एवं पशुपालन विभाग के अधिकारियों की बैठक में गौसेवा को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। इसके बाद उन्होंने अस्थाई गोवंश आश्रय स्थल खेड़ा बुजुर्ग का निरीक्षण किया, जहां कुछ गोवंश का स्वास्थ्य कमजोर मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई।
गौ सेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने बैठक के दौरान कहा कि गौसेवा प्रभु सेवा के समान है और किसानों से अपील की कि वे गौवंश सहभागिता योजना के तहत निराश्रित गौवंश को अपनाकर उनकी देखभाल करें। उन्होंने सुझाव दिया कि लाभार्थियों के घरों में गोबर गैस प्लांट बनवाया जाए, जिससे वे गोबर का उपयोग कर गोबर गैस बना सकें।
बैठक में गोवंश सहभागिता योजना और गोबर गैस प्लांट की उपयोगिता पर चर्चा करते हुए, रमाकांत उपाध्याय ने गोबर और गोमूत्र के लाभों पर भी प्रकाश डाला।
निरीक्षण के दौरान खेड़ा बुजुर्ग आश्रय स्थल पर 47 गोवंश मौजूद पाए गए, जिनके लिए हरा चारा उपलब्ध था, लेकिन कुछ गोवंश का स्वास्थ्य कमजोर पाया गया। इस पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि गौवंश के भरण-पोषण और स्वास्थ्य सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाए।
इस अवसर पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. समदर्शी सरोज सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।