जैतारण के लोटोती गांव में अजित जोशी फाउन्डेशन भास्कर भार्गव परिवार द्वारा आयोजित 17 जोड़ों का निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन
( एम पी भार्गव) ऐलनाबाद: सामूहिक विवाह समिति के सचिव सुरेश कुमार कुशालपुरा ने बताया कि संरक्षक भागचंद के सानिध्य में स्व.श्री रावतारामजी, स्व. श्री आशुराम जी की स्मृति में निःशुल्क मंगलवार को 17 जोड़े शुभ मुहूर्त में एक दूजे के हम सफ़र बनें। इससे पहले सुबह लौटोती गांव में सजे धजे दुल्हा दुल्हन की बिन्दोली गांव के मुख्य मार्गों से निकाली गई।जो खेल मैदान पहुंची। समिति के अध्यक्ष अमित सुमित जोशी ने बताया कि लौटोती स्कूल के खेल मैदान में विद्वान पण्डितो ने शुभ मुहूर्त में सभी 17 जोड़ों का विधि विधान से विवाह पूर्ण करवाकर नव दंपतियों को साथ निभाने का वचन दिया।
इस अवसर पर महन्त परमहंस डॉ रामप्रसाद जी महाराज व सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग मंत्री अविनाश गेहलोत ने वर वधुओं को आशीर्वाद दिया।इसके बाद अजित जोशी फाउन्डेशन भास्कर मलिया परिवार द्वारा मुख्य अतिथि केबिनेट मंत्री अविनाश गेहलोत डॉ राम प्रसाद जी महाराज व अतिथियों का माला साफा व मोमेंटो देकर सम्मानित किया।इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि यश माले, साध्वी हर्षा रिसारिया, प्रधान मेघाराम सोलंकी, देवाराम कटारिया, प्रशासक सीता देवी ढाडीया, थानाधिकारी मंजू मूलेवा,का बहुमान किया गया।
सामूहिक विवाह सम्मेलन में इनका रहा सहयोग
संरक्षक भागचंद मलिया, अध्यक्ष व आयोजक अमित जोशी, उपाध्यक्ष सुमित जोशी, प्रकाश चन्द,सचिव सुरेश कुमार कुशालपुरा, प्रेमराज,राकेश कुमार लौटोती, न्यूमित जोशी।
धर्मेंद्र भार्गव निमोद ने कंहा ऐसा विवाह सम्मेलन अभी तक तो हुआ नहीं पहली बार एक ही परिवार द्वारा शानदार आयोजन किया।
हजारो समाज बंधुओ को देखकर कंहा मुझे लगता है जैसे में प्रयागराज तीर्थ स्थल पर हूं।
मुझे गर्व है कि ऐसे समाज सेवी भामाशाह मेरे समाज में है।
पुष्कर समिति अजीत जोशी फाउंडेशन लोटोती विवाह सम्मेलन कि पुरी टीम का भव्य स्वागत पुष्कर धर्मशाला में करेंगी।
इस कार्यक्रम में बजरंग लाल आसोप, रामपाल जोधपुर, अशोक शाहिजी,धर्मेन्द्र निमोद अध्यक्ष अखिल भारतीय भृगुवंशी भार्गव समाज धर्मशाला पुष्कर अमर चंद ब्यावर,डॉ नटवरलाल जोधपुर, नेमीचंद किशनगढ़, श्याम लाल, जुगराज, दिलीप राज ,शिवलाल, श्याम बगड़ी अशोक खोखरा, सत्यनारायण भार्गव बरवाला महेश भार्गव उत्तम चंद जोशी पिपाङसिटी सहित हजारों समाज बन्धु मोजुद थे।