गुरुग्राम मेयर चुनाव: बीसी-ए के लिए आरक्षित सीट पर भाजपा द्वार सामान्य वर्ग की राज रानी मल्होत्रा को उम्मीदवार बनाने पर विवाद
भाजपा द्वारा गुरुग्राम नगर निगम के मेयर पद पर बी सी – ए की महिला के लिए आरक्षित सीट पर सामान्य वर्ग की राज़ रानी मल्होत्रा को उम्मीदवार बनाने से बी सी – ए वर्ग में रोष – ज़िला लेवल पर डीसी को ज्ञापन देकर कर रहे रोष प्रकट.. वर्ग के प्रवक्ता शांता कुमार आर्य ने बताया “गुरुग्राम मेयर चुनाव में दोनों मुख्य पार्टियों बीजेपी एवं कांग्रेस के उम्मीदवारों ने पिछड़े वर्ग और जनता के साथ धोखा किया?
आने वाली 02 मार्च को देश के मुख्य शहर गुरुग्राम में मेयर का चुनाव होने जा रहा है इस बार यह सीट हरियाणा के पिछड़े वर्ग-ए श्रेणी की महिला के लिए आरक्षित है।
जिसमें दोनों मुख्य पार्टी बीजेपी एवं कांग्रेस की महिला उम्मीदवार पर आरोप लगा है कि उन्होंने सामान्य वर्ग के होते हुए भी हरियाणा के मूल सुनार जाति का पिछड़े वर्ग-ए का प्रमाण पत्र बनवा कर चुनाव फार्म भरा है। पिछड़ा वर्ग के लोगों में इस बात का भारी रोष है और दोनों ही पार्टी के मुख्य नेता जो संविधान बचाने और पिछड़ों के अधिकारों को दिलाने का दावा करते थे वो भी शायद गुरुग्राम की चकाचौंध के आगे चुप बैठे है। पिछड़े वर्ग के लोग इस बारे अधिकारियों को जानकारी दे चुके है लेकिन सभी मौन है। लोगों की जानकारी अनुसार दोनों महिला उम्मीदवार कपूर और बट्टा गोत्र की है जो पिछड़े वर्ग में कही भी नहीं आते। क्योंकि किसी जाति का व्यापार करने से जाति या वर्ग नहीं बदलते। पिछड़ा वर्ग के लोगों ने जब चुनाव अधिकारी से मामले में कारवाई करने को कहा तो उन्हें अदालत में जाने की सलाह दी गई है। यह भी गौरतलब है कि गुरुग्राम में कई लाख पिछड़ों के वोट है और दोनों मुख्य पार्टियों को हरियाणा की 72 मूल पिछड़ा वर्ग ए जाति से कोई उम्मीदवार नहीं मिला या फिर वो पिछड़े शायद धन बल में पिछड़े हो।
अब इस गैर कानूनी कार्य के खिलाफ कारवाई करवाने और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पिछड़ा वर्ग को फिर अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा वो भी उस समय में जब पिछड़ी जाति का मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार चला रहा है। पिछड़ा वर्ग-ए की 72 जातियों और देश की हजारों ओबीसी वर्ग को यह लड़ाई लड़नी पड़ेगी वरना आरक्षण के लिए ऐसे गलत प्रमाण पत्र तैयार करवा कर पिछड़ों के सरकारी सेवा और शिक्षा संस्थानों में आरक्षण को भी खतरा पैदा हो जाएगा।