पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों में पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने से भाग रही है भाजपा सरकार–कुमारी सैलजा
सिर्फ धोखा देती है झूठे वायदे कर जनता को गुमराह करने वाली भाजपा की जुमलेबाज सरकार
ऐलनाबाद हरियाणा, 28 फरवरी ( एम पी भार्गव की रिपोर्ट ): पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा की पंचायती राज संस्थाओं और स्थानीय निकायों में, पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने का वादा भी भाजपा सरकार का एक जुमला ही साबित हो रहा है। 18 नवंबर 2024 को हरियाणा विधानसभा ने विधेयक पारित करके पिछड़ा वर्ग-ए को 08 प्रतिशत और पिछड़ा वर्ग-बी को 05 प्रतिशत आरक्षण तय किया था पर अब कहा जा रहा है कि पंचायतों, ब्लॉक समितियों और जिला परिषदों में अनुसूचित जातियों (एससी) के लिए आरक्षित सीटें रिक्त रहने पर ही पिछड़ा वर्ग-ए (बीसी-ए) और पिछड़ा वर्ग-बी (बीसी-बी) को आरक्षण मिल सकेगा। सरकार ने जनता से किया अपना कोई वायदा पूरा नहीं किया है वह झूठ बोलकर जनता को गुमराह और उसके साथ विश्वासघात करती आ रही है।
मीडिया को जारी बयान में कुमारी सैलजा ने कहा है कि आरक्षण के मामले में सरकार की हरियाणा के लोगों को धोखा देने की आदत बन चुकी है अब पिछड़े वर्ग के लिए तय आरक्षण को नियमों और शर्तों के दांव पेंच में उलझाने का खेल खेल रही है। पिछड़े वर्ग को जनसंख्या के अनुपात के हिसाब से 27 प्रतिशत आरक्षण देने की जायज मांग को पहले ही भाजपा सरकार नकार चुकी है। सरकार के अनुसार अगर किसी पंचायती राज संस्था में 50 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो जाती हैं तो वहां बीसी-ए और बीसी-बी को आरक्षण का लाभ नहीं मिलेगा। आरक्षण में दूसरे नंबर पर बीसी-ए को प्राथमिकता मिलेगी। एससी और बीसी-ए वर्ग के प्रत्याशियों को मिलाकर भी आरक्षित सीटें 50 प्रतिशत से कम रह जाती हैं तो बीसी-बी के लोगों को आरक्षण दिया जाएगा। संशोधित नियमों में स्पष्ट किया गया है कि अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित वार्ड के अवधारण के बाद ही पिछड़ा वर्ग-ए के लिए आरक्षित किए जाने वाले वार्ड या वार्डों का अवधारण किया जाएगा। अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षित वार्डों को पिछड़ा वर्ग-ए के लिए वार्डों के अवधारण हेतु निकाले जाने वाले ड्रॉ से बाहर रखा जाएगा। जनसंख्या गणना के बाद ही योजनाओं का निर्धारण किया जा रहा है, सरकार गणना न करवाकर देश की जनता के साथ धोखा कर रही है।
सांसद कुमारी सैलजा ने कहा है कि इसी तरह अनुसूचित जातियों और पिछड़ा वर्ग-ए के लिए आरक्षित वार्ड के अवधारण के बाद ही पिछड़ा वर्ग-बी के लिए आरक्षित किए जाने वाले वार्ड या वार्डों का अवधारण किया जाएगा। अनुसूचित जातियों और पिछड़ा वर्ग-ए के लिए आरक्षित वार्डों को पिछड़ा वर्ग-बी के लिए वार्डों के अवधारण हेतु निकाले जाने वाले ड्रॉ से बाहर रखा जाएगा। कुमारी सैलजा ने कहा कि लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी शुरू से ही जातीय जनगणना की बात करते आ रहे है क्योंकि जातीय गणना के बाद ही जाति के हिसाब से हिस्सेदारी तय की जाएगी पर भाजपा सरकार ने जातीय जनगणना तो दूर वर्ष 2011 के बाद जनसंख्या की गणना भी नहीं करवाई है। सरकार को जनता से किया गया अपना एक एक वायदा पूरा करना चाहिए, नियमों में संशोधन कर उन्हें लटकाना नहीं चाहिए।